आंगनवाडी कर्मियों को चाहिए नियमितीकरण या न्यूनतम वेतनमान नहीं तो 10 जुलाई को धरना प्रदर्शन

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नई दिल्ली/भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध दिल्ली प्रदेश आंगनवाडी कर्मचारी संघ ने आज  बीएमएस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवराज भड़ाना के नेतृत्व में एक प्रेस वार्ता का आयोजन ठेंगड़ी  भवन,नई दिल्ली में किया‌ गया।
  आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की महामंत्री श्रीमति मीना भारद्वाज ने दिल्ली में आंगनवाड़ी कर्मी महिलाओं की असुरक्षित और करूण जीवन गाथा को संवाददाताओं के सामने रखा और कहा कि कई कई सालों तक सरकारी योजनाओं को सफल करने के बाद हमें क्या मिला ?अब आंगनवाडी कर्मियों को चाहिए नियमितीकरण का हक या न्यूनतम वेतनमान नहीं तो 10 जुलाई से दिल्ली में होगा धरना प्रदर्शन।
    आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ  की केंद्र मंत्री प्रेमवती ने बताया कि दिल्ली के आंगनवाड़ी कर्मियों का जीवन सुविधा विहीन होता जा रहा है।  भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा पूरे देश में वर्ष 1975 से आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास योजना का संचालन हो रहा है ,जिसमें  लाखों की संख्या में आंगनवाड़ी कर्मी कार्यरत हैं और सरकारी योजनाओं को सफल बना रही हैं। फिर भी ना जाने क्यों वर्षों से हमारा शोषण होता आ रहा है।सत्ता बदल जाती है , व्यवस्था नहीं बदलती,जिसका खामियाजा आंगनवाडी कर्मी साल साल से भुगत रहे हैं। आंगनबाड़ी कर्मियों को आंगनबाड़ी केंद्र और फील्ड दोनो जगह जाकर कार्य करना पड़ता है जो कि 8 घंटे से भी ज्यादा हो जाता है । छुट्टियां नहीं के बराबर है।
केंद्र सरकार  की स्कीम के तहत आंगनवाडी कर्मियों द्वारा कई तरह से महिलाओं और बच्चों के कल्याण के कार्य किए जाते हैं।इन सभी कार्यों को देखते हुए  मात्र 9676 रुपए महीना देकर महिलाओं का शोषण किया जाता रहा । जबकि मजदूरों की तरह हमें भी न्यूनतम वेतनमान दिया जा सकता है।सुपरवाइजर की पोस्ट आंगनवाडी कर्मियों से नहीं भरने पर  उन्होंने रोष जताया और कहा  कि केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कर्मियों को आश्वासन दिया था कि आंगनवाडी कर्मियों को  पीएफ, ईएसआई, पीएं,डीए  दिया जाएगा लेकिन आज तक लागू क्यों नहीं हुआ।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की उप महामंत्री पुष्पा रानी ने कहा‌कि स्कूलों में जिस तरह से गर्मी और सर्दी ऋतु में छुट्टियां दी जाती हैं, वैसी छुट्टियां आंगनवाडी कर्मियों को भी थी जाए। कुछ अन्य प्रदेशों में 60 वर्ष के बाद आंगनवाडी कर्मियों को एक लाख और हेल्परों को 75000 दिए जाते हैं यह दिल्ली में काम करने वाले आंगनवाडी को भी मिलना चाहिए।
पैनल पर लगी आंगनवाडी कर्मियों को तुरंत पक्का करके नियुक्ति पत्र दिया जाए और आंगनवाडी कर्मियों और हेल्परों की सेवानिवृति आयु  60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
अंत में पत्रकारों को बीएमएस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  देवराज भड़ाना ने कहा कि कामगारों के साथ हो रहे अन्याय और भेदभाव को समाप्त कर नई नीति के लिए भारतीय मजदूर संघ , आंगनवाडी कर्मियों के हित में चरणबद्धसे  आंदोलन करेगा ।

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