एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा का दावा-पेपरलेस होगा हरियाणा पुलिस का काम, हाईटेक हो रही हरियाणा पुलिस,थाने जाने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन दर्ज कराएं शिकायत

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करनाल (बोबी दुआ), पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए अब आपको थाने जाने की जरूरत नहीं है। बस एक क्लिक पर आपकी समस्या का समाधान होगा और पुलिसकर्मी आपकी सेवा में हाजिरहोगा। इसके लिए आपको ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत भी नहीं है, बस अपने एंड्राइड मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से घर बैठे ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस अधीक्षकजश्नदीप सिंह रंधावा का दावा है किशिकायतकर्ता को घर बैठे ही शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इस प्रयास से हाइटेक होने की दिशा में पुलिस आगे बढ़ेगी और पुलिस का कार्य पेपरलेस हो जाएगा। इस सुविधा से लोगों को घर द्वार पर ही न्याय मिलेगा और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़ेगा।

ऐसा इसलिए किया गया है ताकि लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होने से बचाया जा सके। आप थाने जाए बिना शिकायत दर्ज करवाने के इच्छुक हैं तो आप आसानी से इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और ऐसा करने के लिए आपको महज कुछ बातों का पालन करना होगा।

पुलिस में ऑनलाइन शिकायत रजिस्टर कैसे करें

स्टेप 1 : पुलिस की वेबसाइट पर जाएं

स्टेप 2 : होम पेज पर अपनी जरूरत का विकल्प खोजें। होम पेज पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, लॉस्टरिपोर्ट, औरतों की सुरक्षा के लिए मोबाइल एप्लीकेशन, पुलिस क्लीयरेंससर्टिफिकेट, करेक्टर वेरिफिकेशन रिपोर्ट इत्यादि के विकल्प दर्शाए गएहोंगे। यहीं पर एक ऑप्शन होगा गुमशिकायत रिपोर्ट फाइल करने के लिए।आप इस ऑप्शन का इस्तेमाल करके आसानी से शिकायत दर्ज करवा सकतेहैं।

स्टेप 3 : अपनी जानकारी भरें

अब आप बिल्कुल नए पेज पर आ चुके होंगे जो पुलिस कि शिकायत दर्ज करवाने के लिए है। आपको इन रिक्त स्थानों में अपनी निजी जानकारी भरनी है व शिकायत की जानकारी भी देनी है।इस फॉर्म में आपको अपनी निम्न जानकारी भरनी होगी-

Ø      अपना नाम

Ø      अपने पिता व माता का नाम

Ø      अपना पता

Ø      अपना मोबाइल नंबर व ई-मेलआईडी

Ø      वो स्थान जहां क्राइम हुअा

Ø      तिथि व समय

Ø      विस्तृत जानकारी

Ø      कोई अन्य जानकारी जो आप साझा करें

स्टेप 5 : अपने द्वारा भरी गई जानकारी जांच लें व फॉर्म को सबमिट बटन दबा कर जमा करें

अपने द्वारा भरी गई जानकारी जांचनीहोगी। जानकारी को जांच लेने के बाद आपको सबमिट बटन दबाना होगा.सबमिट बटन दबाते ही आपका फॉर्मसबमिट हो जाएगा।

ये औपचारिकताएं पूरी होते ही शिकायत तुरंत संबंधित थाने में ऑनलाइन चली जाएगी। थाना प्रभारी रोजाना जांच करेंगे और शिकायत मिलते ही तुरंत जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे। शिकायतकर्ता को जांच अधिकारी की पूरी जानकारी साइट के माध्यम से दी जाएगी। शिकायत पर कार्रवाई होते ही जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का पूरा ब्यौरा अपलोड कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता को थाने आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और उसकी समस्या का समाधान हो जाएगा।इस ऑनलाइन सिस्टम का नामसीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम) है। शिकायत पर एक्शन भी तत्काल होगा, क्योंकि इसकी मॉनीटरिंग सीनियर ऑफिसरकरेंगे।

इन मामलों में बेहद कारगर होगा

छेड़छाड़: ऐसे मामलों में पीड़ित जब तक थाने जाते हैं तब तक अराजकतत्वभाग जाते हैं। ऑनलाइन सिस्टम होने पर घटनास्थल से शिकायत मिलते ही पुलिस वहां पहुंचेगी।

घरेलू हिंसा: महिलाएं आमतौर पर शिकायत करने थाने नहीं जा पाती हैं।ऑनलाइन सिस्टम होने पर वे मोबाइल के माध्यम से शिकायत रजिस्टर्ड करासकेंगे। इससे उन्हें घर बैठे पुलिस की मदद मिलेगी।

गुमशुदगी: पूरे देश के डाटा वेबसाइट पररहेंगे। ऐसे में लापता लोगों की जानकारी जुटाने में सीसीटीएनएससिस्टाम बेहद कारगर होगा।

धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकालने की अनुमति।

पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन : थाने के चक्कर काटने से छुटकारा मिलेगा।

सीसीटीएनएस ऐसे आसान करेगा पुलिस का काम

-विभागीय काम पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा

-देश के किसी भी क्षेत्र के अपराधी की कुंडली एक क्लिक पर पता चल जाएगी

-विभागीय जानकारी ऑनलाइन होगी तो डाक भेजने का काम खत्म होगा

-किराएदारों की सूची ऑनलाइन होने से नाम बदलकर अपराधी नहीं छिप सकेंगे

-अफसरों के सामने अपराध और इसकी कार्रवाई के सही आंकड़े रहेंगे

सीसीटीएनएस लागू होने के बाद एफआईआर दर्ज होते ही ऑनलाइन होजाएगी। इसे देश में कहीं भी देखा जासकेगा।

पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा का कहना है कि लोगों की शिकायत रहती है कि उनकी शिकायत कई-कई दिनों तक थाने में ही रहती है। इससे पीड़ित पक्ष को इंसाफ मिलने में देरी हो जाती है।  इस सर्विस से हर व्यक्ति को अपनी शिकायत के बारे में ऑनलाइन सब कुछ पता करने को मिल जाएगा।ऑनलाइन शिकायत होने के बाद सर्विस फास्ट कर दी जाएगी।  पुलिस की कोशिश रहेगी कि जल्दी शिकायत का निपटारा किया जाए। इससे थानों में भटकने वाले लोगों को राहत मिलेगी।यह योजना लोकहित में है।

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