अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 7 से 23 दिसंबर 2018 तक कुरुक्षेत्र में मनाया जाएगा ।

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नई दिल्ली, दिनांक 23-11- 2018 ( सुधीर सलूजा):- आज दिल्ली के लाल किला मैदान में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक प्रेस वार्ता करके अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम के बारे में पत्रकारों को बताया । उन्होंने कहा कि 7 दिसंबर से 23 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में कला, संस्कृति, धरोहर, अध्यात्म, ज्ञान और युवा चेतना का अनूठा संगम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देखने को मिलेगा । इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, थानेसर से विधायक श्री सुभाष सुधा, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के नोडल अधिकारी डॉक्टर अमित अग्रवाल व कुरुक्षेत्र विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री विजय सिंह दहिया भी मौजूद रहे । कुरुक्षेत्र विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव विजय सिंह दहिया ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल  व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया ।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित करके हुई । कुरुक्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा गीता महोत्सव पर तैयार डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का प्रसारण किया गया । मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने युगे युगे कुरुक्षेत्र कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया । मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड के 50 वर्ष पूरे हो गए हैं । सभी महान लोगों ने गीता को जीवन में महत्व दिया है । महाभारत की उपलब्धि के कारण हरियाणा जाना जाता है। 7 से 23 दिसंबर तक  गीता महोत्सव होगा । मुख्य कार्यक्रम13 से 18 दिसंबर तक होंगा । इसमें कई देश और राज्य के कलाकार कार्यक्रम देंगे । अंतराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मॉरीशस भागीदार देश होगा , गुजरात भागीदार राज्य होगा। गीता पुस्तक मेला होगा । मुख्य पंडाल में हर रोज शाम को  कार्यक्रम होगा  । हरियाणा के कलाकार भी प्रस्तुति देंगे । महोत्सव में संत सम्मलेन  भी होगा । इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा गीता भारतीय सनातन परंपराओं का अद्भुत ग्रंथ है । यह केवल ग्रंथ ही नहीं अपितु प्रत्येक समस्या का समुचित समाधान, दुखों की समूल निवृत्ति और परमानंद की प्राप्ति ही गीता रूपी इस दिव्य ग्रंथ का एकमात्र उद्देश्य है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मारीशश में फरवरी, 2019 में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन सहमति दी है, इसके अलावा यूके व कनाडा में भी इस पर विचार किया जा रहा है। इस साल गीता महोत्सव के दौरान 12 दिसंबर को यूके के हाऊस आफ कामन्स में भी गीता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, गीता महोत्सव को मनाने के लिए 15 देश अपने यहां पर तैयारी कर रहे है और प्रारूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज परिवर्तन व युवाओं में नैतिकता व उन्हें संस्कारवान बनाने के लिए राहगीरी, गीता जयंती, मैराथन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन हरियाणाभर में किया जा रहा है ताकि युवाओं में शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता का भी संचार हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के लाल किला मैदान में गीता  महोत्सव से संबंधित प्रदर्शनी 20 नवंबर से लेकर 30 नबंवर तक रहेगी तथा इसके बाद 1 दिसंबर से यह प्रदर्शनी बोट क्लब में शिफट की जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों तक गीता का संदेश जाएं।

        महाभारत काल से जुडे राज्य के अन्य स्थानों के विकास के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि गुडगांव का नाम गुरूग्राम किया गया क्योंकि पौराणिक समय में भी यह गुरूग्राम ही था और यहां पर गुरू द्रोणाचार्य ने कौरवों व पांडवों को शिक्षा दिक्षा दी थी तथा आज भी यहां पर गुरू द्रोणाचार्य के नाम से महाविद्यालय संचालित है। इसी प्रकार, गुरूग्राम में मेट्रो के एक स्टेशन का नाम भी गुरू द्रोणाचार्य के नाम पर रखा गया है।
        गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ के तौर पर लाने के लिए पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि यदि इस प्रकार का कोई प्रस्ताव आता है तो वे उसका स्वागत करते है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नैतिकता व वैश्विक भाईचारा का संदेश श्री मदभगवद गीता के ज्ञान के माध्यम से देने की पहल सरकार ने की है। गीता के कुछ श्लोकों को स्कूली पाठयक्रम में शामिल किया गया है और इस साल 30 महाविद्यालयों में गीता संसद का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा, गीता प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन व गीता भाषण जैसी प्रतियोगिताएं ऑनलाईन भी पहली बार आयोजित की जा रही है ताकि देश-विदेश में बैठे गीता का जानकार ऐसी प्रतियोगिता में भाग ले सकें। उन्होंने बताया कि गीता महोत्सव के दौरान भारतवर्ष लगभग 200 चित्रकारों को पेंट द वॉल प्रतियोगिता के माध्यम से कुरूक्षेत्र की दीवारों पर महाभारत विषय पर पेंटिंग करने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही प्रमुख व्यक्तियों, धार्मिक संस्थानों के सहयोग से शोभा यात्रा का भी आयोजन भी करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि धर्मनगरी कुरूक्षेत्र को दिव्य शहर के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलवाने के प्रयास किए जाएंगे और इस कडी में साल 2016 से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिल्पकारों का एक मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले को हरियाणा के सूरजकुण्ड मेले में भी आयोजित किया जाता है। इस मेले में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त शिल्पकार व कलाकार भाग लेंगें। महोत्सव के दौरान 13 दिसंबर से 18 दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगें।
श्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियाणा की लोक संस्कृति को  प्रदर्शित करने वाली हरियाणा पैवेलियन की स्थापना की जाएगी। यह पैवेलियन आर्कषण का केन्द्र होगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा, प्रतिदिन भव्य आरती एवं लाईट एवं साऊंड का आयोजन भी किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशी-विदेशी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगें जिनमें ग्रेसी सिंह, सतींदर सरताज, हेमंत बृजवासी जैसे कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगें।
गीता पुस्तक मेले के अलावा, कवि सम्मेलन में हरिओम पंवार, गजेन्द्र सोलंकी एवं अन्य कवि आंगुतकों के लिए आर्कषण का केन्द्र रहेंगें। उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर को संत सम्मेलन व गीता मैराथन दौड का भी आयेजन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 दिसंबर को दोपहर 12 बजे कुरूक्षेत्र में 18 हजार विद्यार्थी व तीन हजार लोग एक साथ मिलकर अष्टादशी श्लोकी गीता पाठ उच्चारण करेंगें तथा साथ ही इसी समय विदेशों में भी गीता पाठ का उच्चारण होगा। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में संतों को भी बुलाया गया है और अभी तक श्री श्री रविशंकर, स्वामी रामदेव और शंकराचार्य जैसे संतों के आने की सहमति दे दी है। इसी प्रकार, सभी संप्रदायों के धर्मगुरूओं को भी आंमत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि संतों द्वारा तीन दिनों तक व्याख्यान भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आने की अपनी सहमति दी है।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह, हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, त्रिपुरा के राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी, उडीसा के राज्यपाल प्रो गणेशी लाल, असम के राज्यपाल जगदीश मुखी के अलावा कई देशों व राजनयिकों ने महोत्सव में आने की सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर भी 15 से 17 दिसंबर के बीच पांच जिलों को छोडकर, जहां पर निकाय चुनाव है, महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
        उन्होंने कहा कि गीता भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रचलित हैं। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर, 2014 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को श्री महादेव देसाई द्वारा लिखित पुस्तक द गीता आर्गोडिंग टू महात्मा गांधी भेंट की थी। इसके अलावा, स्वामी विवेका नंद, संत विनोबा भावे, श्री अरविंदो व बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरूषों ने गीता दर्शन को अपने जीवन में अपनाया। अमेरिकी साहित्यकार हेनरी डेविड थोरो, जर्मन दर्शन शास्त्री सोपेनहावर, अरबी इतिहासकार अलबेरूनी, ब्रिटिश कवि इमर्सन जैसी विभूतियों ने भी गीता दर्शन को अपना जीवन का हिस्सा बनाया। इसी प्रकार, अंतरिक्ष यात्री सुनीता बिलियम्स ने भी अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान 175 दिन गीता को अपने साथ रखा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का कुरूक्षेत्र विश्व का ऐसा स्थान है जहां युद्ध के दौरान शस्त्र व शास्त्र एक साथ थे और युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का अमर संदेश दिया गया था जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ढाई करोड लोगों की सेवा करना उनका कर्म है और गीता के कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन के सिद्धांत पर चलते हुए वे यहां तक पहुंचे है।

 

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