अवचेतन मन की अद्भुत शक्तियों से, असंभव कार्य भी होते संभव

अवचेतन मन की अद्भुत शक्ति को पहचान, बने विलक्षण प्रतिभा के धनी

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हम सब जानते हैं कि मानव मस्तिष्क के दो भाग होते हैं, चेतन और अवचेतन | हमारे मस्तिष्क का चेतन भाग केवल 10% कार्य करता है| जिसके द्वारा हम नियमित कार्य करते हैं| हमारा 90% भाग अवचेतन मस्तिष्क होता है जिसका प्रयोग बहुत कम लोग करते हैं और जो करता है वह विलक्षण बुद्धि का व्यक्ति बन जाता है|
चेतन मस्तिष्क केवल तभी काम करता है जब हम जाग रहे होते हैं |चेतन मस्तिष्क सोच विचार कर सकता है |हमारा चेतन मस्तिष्क लक्ष्य तय कर सकता है |तर्क वितर्क कर सकता है| विश्लेषण कर सकता है| निर्णय ले सकता है| कार्यवाही कर सकता है| विवेक पूर्वक विचार कर सकता है| चेतन मस्तिष्क को जागृत मन भी कहा जाता है|
हमारे मस्तिष्क का 90% भाग अवचेतन मस्तिष्क होता है |जिसे हम अर्ध जागृत मन भी कहते हैं| अवचेतन मस्तिष्क 24 घंटे कार्य करता है| यह सोच विचार नहीं करता है |अवचेतन मस्तिष्क रचनात्मक मस्तिष्क होता है| अवचेतन मस्तिष्क लक्ष्य को पा सकता है |अवचेतन मस्तिष्क चेतन मस्तिष्क से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है |अवचेतन मस्तिष्क भावनाओं को महसूस करता है| अवचेतन मस्तिष्क जन्म के पहले से कार्य करता है|

अवचेतन मस्तिक को कैसे जागृत करें

अवचेतन मन को जागृत कैसे किया जाए, ताकि हम अपना मनचाहा लक्ष्य पा सकें| अपना मनचाहा कार्य कर सकें |वास्तव में अवचेतन मन में इतनी अपार शक्तियां है जिन्हें पाकर हम असंभव कार्य भी संभव कर सकते हैं|
यहां पर आपको अभिमन्यु का उदाहरण देना चाहता हूं| जिसने अवचेतन मस्तिष्क की शक्तियों से मां के गर्भ में ही चक्रव्यूह से बाहर निकलना सीख लिया था| विश्व के सभी कामयाब व्यक्ति जो कम उम्र में विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं| उन्होंने अपने अवचेतन मन को जागृत किया है|
स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग, रतन टाटा व योग गुरु रामदेव जैसे अनेकों उदाहरण हैं| जिन्होंने अध्ययन काल में अपने अवचेतन मन को जागृत किया और आज विलक्षण प्रतिभा के धनी है और वर्तमान समय में विश्व में एक ब्रांड है|
उदाहरण के लिए जैसे कोई गरीब व्यक्ति है और किसी दबंग ने उसका घर छीन लिया है या उसकी बेटी की शादी के लिए रखे पैसे छीन लिए| ऐसे व्यक्ति के मन से जो हाय निकलेगी, वह उसके अवचेतन मन से टकराकर निकलेगी और आप देखेंगे कि इसी हाय के कारण चोरी करने वाले व्यक्ति का कुछ न कुछ अशुभ अवश्य होगा| क्योंकि यह हाय अवचेतन मन से निकली है|
अवचेतन मन को जागृत करने के लिए बार-बार उसको स्मरण करना होता है और स्मरण करने का तरीका है वर्तमान काल में अपनी बात कहना |आपने अक्सर सुना होगा कि 100 बार झूठ बोलने पर भी सच हो जाता है|

हम अवचेतन मन से अपनी जो भी इच्छाएं पूरी कराना चाह रहे हैं |उस बात को आप सकारात्मक रूप से वर्तमान काल में बोलें |रात्रि को सोते समय आप 5 मिनट लेटे हुए अथवा बैठकर, आप अपनी जो कामनाएं या इच्छाएं है उन्हें स्मरण करें और प्रातः काल उठने से पहले भी उसी चक्र को पुनः अपनाएं| ध्यान रखें एक समय में अधिकतम दो कामनाएं हो सकती हैं| उस समय ऐसा महसूस करें कि चेतन मस्तिष्क अवचेतन मस्तिष्क को संदेश भेज रहा है| आप अपनी इन एक या दो कामनाओं को किसी कागज पर लिखकर अपनी जेब में भी रख लें| जहां कार्य करते हैं उस कार्य स्थल पर लगा ले और आते जाते उसको दो मिनट नियमित रूप से एकाग्र होकर बोलें| मन में दृढ़ संकल्प और उस कार्य के प्रति तड़पन का भाव भी आपके मन में होना चाहिए| यदि आपने ऐसा लगातार किया तो आपका इच्छित कार्य कुछ दिनों में पूर्ण होने की संभावना बनेगी |मैं यह नहीं कहता कि कार्य तुरंत बन जाएगा |लेकिन उसके लिए आपको उचित राह व योजना आपके दिमाग में आ जाएगी| उस कारण आपकी कामना पूरा होने के रास्ते प्रशस्त हो जाएंगे|
एक महिला को अचानक आंख से नजर आना कम हो गया| वह डॉक्टर के पास गई| दो-तीन महीने इलाज चला |डॉक्टर ने कह दिया कि आंखों की तंत्रिका डैमेज हो चुकी है| उन्होंने कार्य करना बंद कर दिया है |इसलिए आपकी नजर धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है |लेकिन वह महिला हताश नहीं हुई और उसने इसको चैलेंज के रूप में स्वीकार कर लिया और कहा कि मैं स्वयं ही अपनी आंखों को ठीक कर लूंगी |उसको धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान था और अवचेतन मन के बारे में उनका अध्ययन था |वह दिन रात इसी कल्पना में खोई रहती कि मेरी आंखें स्वस्थ हो गई है |मेरी आंखें स्वस्थ हो गई है |अब मैं देख सकती हूं |मैं अब देख रही हूं |मैं देख रही हूं |
जैसा कि मैंने कहा था कि वर्तमान काल में सकारात्मक सोचिए |उसके द्वारा लगातार अवचेतन मन को जागृत करने का यह परिणाम निकला कि दो-तीन महीने में ही उसको साफ दिखाई देना आरंभ हो गया | आपने यह भी सुना होगा कि एक महिला थी जो ठीक से चल नहीं पा रही थी | उसी महिला ने बाद में दौड़ में कई पदक जीते |आप की कल्पनाएं, इच्छाएं जितनी प्रबल होगी और उनके अंदर जो आपके मन की तड़पन होगी |जो मन का भाव रहेगा| इतनी जल्दी आपके कार्य बनेंगे | एक महिला को 3 महीने के अंदर बिल्कुल साफ दिखाई देने लगा |वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गई और दूसरी महिला ने दौड़ में शामिल होकर कई पदक जीते|

जब हम सो जाते हैं तो अवचेतन मन भी सो जाता है| नींद आते ही हमारे सारे चेतन मस्तिष्क के क्रियाकलाप बंद हो जाते हैं| हम सारे क्रियाकलाप भूल कर, हम नींद का आनंद लेते हैं| इस समय क्या हमारी इंद्रियों का कार्य, हृदय की धड़कन, श्वसन प्रणाली, पाचन क्रिया भी बंद हो जाती है? नहीं | क्योंकि यह सब अवचेतन मन के हवाले होती है |जब चेतन मन सो जाता है, तो उस समय अवचेतन मन जागृत होकर इन सारे आंतरिक अंगों को कार्य करने में सहायता करता है| इसलिए रात्रि के समय ही अवचेतन मन अधिक सक्रिय रहता है| रात्रि को सोते समय और प्रातः उठते समय बार-बार अपनी कामनाओं को मन से कहने पर अवचेतन मन सुनता है |किंतु अवचेतन मन को यह नहीं पता होता कि सच क्या है| जो आप बोलते हैं वह उसी को सच मानता है |जैसे मैं कल्पना कर रहा हूं| मैं स्वस्थ हूं |मैं स्वस्थ हूं| यदि किसी को कोई असाध्य बीमारी है |लेकिन बार-बार कह रहे कि मैं स्वस्थ हूं| मैं सोचता हूं मेरी बीमारी ठीक हो गई है| मैं स्वस्थ हूं |अवचेतन मन पूरी तरह से आपके लक्ष्य को सफल करेगा और आप स्वस्थ हो जाएंगे|
आपकी जो भी योजनाएं हैं |आपका जो लक्ष्य है |आप उसे बार-बार दोहराएं और अवचेतन मन को बार-बार, नियमित रूप से सुनाइए| अवचेतन मन पूरी तरह से आपके लक्ष्य को सफल करेगा| इसके लिए आपको लगन के साथ, नियमित रूप से तड़पन के साथ रोजाना अपने अवचेतन मन को कहना पड़ेगा| इसके प्रभाव से आपके मस्तिष्क में ऐसी ऐसी योजनाएं बनेगी |उसी प्रकार के कार्य आपके दिमाग में आएंगे, जिससे कि आप अपने लक्ष्य पर पहुंच सकें और कामयाब हो जाएं |अवचेतन मन आपको मंजिल तक निश्चित पहुंचाएगा|

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