अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने पहले प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना फिर दी जादू की झप्पी

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नई दिल्ली, 20-7-2018:- लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीएसटी, नोटबंदी से लेकर राफेल डील के मुद्दे को उठाया। राहुल ने कहा कि पीएम चौकीदारी नहीं बल्कि भागीदार हैं। इतना ही नहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह और राफेल डील को लेकर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के नाम का उठाने से सदन में हंगामा भी हुआ।। उन्होंने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया कि राफेल डील पर ऐसा कोई करार भारत-फ्रांस के बीच नहीं है जो कहे कि आप हवाई जहाज के दाम नहीं बता सकते। नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश से झूठ बोला। उन्होंने कहा- “प्रधानमंत्री ने देश को सिर्फ जुमले दिए। वादे पूरे नहीं किए।” केंद्रीय संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि राहुल बिना सबूतों के आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।” याद हो तो राहुल गांधी ने बोला था कि जब वे बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा, भूकंप का तो पता नहीं लेकिन राहुल की एक बात पर प्रधानमंत्री मोदी ठहाके लगाकर हंसते जरूर नजर आए। 

 भाजपा ने देश को जुमले दिए : लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने देश को कई जुमले दिए हैं। जुमला नंबर- 15 लाख रुपये हर किसी के अकाउंट में। जुमला नंबर 2 – दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने दो करोड़ युवाओं को रोजगार का वादा किया था, लेकिन दिया सिर्फ चार लाख युवाओं को। चीन 24 घंटे में 50 हजार युवाओं को रोजगार देता है और आप 400 युवाओं को 24 घंटे में रोजगार देते हो। कभी कहते हैं पकौड़े बनाओ, कभी कहते हैं कि दुकान खोलो। यही भाजपा का खोखलापन है। 

 नोटबंदी और जीएसटी को लेकर साधा निशाना : राहुल गांधी ने कहा कि पता नहीं कहा से मैसेज लिया और पीएम ने रात को 8 बजे कालेधन के खिलाफ नोटबंदी का ऐलान कर एक्शन लिया। समझ नहीं थी कि इससे छोटे कारोबारियों को कितना नुकसान हुआ और आज बेरोजगार 7 साल के सबसे उच्च स्तर पर है। राहुल ने कहा कि जीएसटी कांग्रेस लेकर आई थी और तब आपने विरोध किया था। पीएम मोदी की जीएसटी से करोड़ों लोग बर्बाद हुए।

 सूटबूट वालों से होती है प्रधानमंत्री  की बात : राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी विदेश जाते हैं लेकिन अपने सुरक्षा घेरे से बाहर नहीं निकलते और उनकी बात सिर्फ सूट-बूट वाले कारोबारियों से ही होती है। वे छोटे दुकानदारों से नहीं मिलते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम 10-20 बड़े कारोबारियों के लिए सबकुछ करते हैं। उन्होंने पीएम पर एक कारोबारी को 45 हजार करोड़ का फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया। 

 राफेल पर रक्षामंत्री ने झूठ बोला : राफेल डील का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि पीएम फ्रांस गए थे पता नहीं वहां क्या हुआ लेकिन रक्षा सौदे की कीमत एकाएक बढ़कर 1600 करोड़ हो गई। राहुल ने कहा कि रक्षा मंत्री ने आंकड़े बताने का वादा किया था लेकिन बाद में उन्होंने यू-टर्न ले लिया। राहुल गांधी ने कहा कि मैंने इस बारे में फ्रांस के राष्ट्रपति से भी बात की। इस मामले में रक्षा मंत्री ने पीएम के दबाव में देश से झूठ बोला।

  इनकी हिम्मत नहीं, मेरी आंखों में देखें : राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री की हिम्मत नहीं है कि वे मेरी आंखों में देखें। हालांकि राहुल के इस बयान पर भाजपा ने एतराज जताया। इसको लेकर भाजपा ने संसद की नियमावली का हवाला दिया। बता दें कि राहुल ने कहा, ‘पूरे देश ने अभी देखा है कि मैंने प्रधानमंत्री के बारे में साफ-साफ बोला है और प्रधानमंत्री मुझसे नज़र नहीं मिला रहे हैं। ये सच्चाई है, ‘चौकीदार नहीं, भागीदार है’ देश को ये बात समझ में आ गयी है।’ हालांकि राहुल के इस बयान पर पीएम मोदी ठहाके लगाकर हंसते नजर आए।

 सैनिकों को प्रधानमंत्री ने धोखा दिया : राहुल ने पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति की मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चीनी राष्ट्रपति के साथ झूला झूल रहे थे। उसी वक्त चीन की सेना हमारी सीमा में घुसी थी। पीएम ने सैनिकों को धोखा दिया है। 

 पीएम के मुंह से अत्याचार पर एक शब्द नहीं निकला : महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बाहर के देशों में ये राय है कि हिंदुस्तान पहली बार अपने इतिहास में अपनी महिलाओं की रक्षा नहीं कर पा रहा है। गैंगरेप होता है, महिलाओं पर अत्याचार होता है। पहली बार हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज दलित, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, उन्हें मारा जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री जी के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है। बल्कि उनके मंत्री आरोपियों को हार पहनाते हैं।

 आपके लिए मैं पप्पू हू : राहुल ने कहा कि भाजपा और संघ ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उन्होंने कहा कि आपने मुझे हिंदू होने का मतलब समझाया। आपने मुझे शि‍वजी का मतलब समझाया। मेरे दिल में पीएम के लिए गुस्सा या नफरत नहीं है। ये कहते हुए राहुल गांधी ने भाषण खत्म किया और प्रधानमंत्री मोदी की सीट की ओर बढ़े, उन्हें गले लगाया। पीएम ने हाथ मिलाकर राहुल को धन्यवाद दिया और उनकी पीठ थपथपाई।

 भाजपा के कई सांसदों ने मुझे बधाई दी : राहुल ने कहा  ‘‘प्रधानमंत्री और अमित शाह, दो अलग तरह के राजनेता हैं। हमें तो सत्ता खो देने का भी दुख नहीं होता। लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष सत्ता से बाहर होना बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसलिए वे दोनों डर की वजह से और गुस्से की वजह से कई चीजें करते हैं। इसी कोशिश में वे हिंदुस्तान में कई आवाजों को दबा रहे हैं। अभी जब मैं बाहर गया तो आपके (भाजपा के) कई संसद सदस्यों ने मुझसे कहा कि आप बहुत अच्छे बोले। ये अकाली दल की नेता मुझे मुस्कराकर मुझे देख रही थीं। 

 मैं भाजपा का आभारी हूं: राहुल ने कहा, ‘‘आप सोचोगे कि मेरे दिल में प्रधानमंत्री के खिलाफ गुस्सा और नफरत है। लेकिन मैं आपको दिल से कहता हूं कि मैं प्रधानमंत्री, भाजपा और आरएसएस का बहुत आभारी हूं कि इन्होंने मुझे कांग्रेस और हिंदुस्तानी होने का मतलब सिखाया। हिंदुस्तानी का ये मतलब है कि चाहे कोई कुछ कह दे, लाठी मारे, तुम्हारे दिल में उसके लिए आपके दिल में प्यार होना चाहिए। आपने मुझे मेरा धर्म सिखाया, शिवजी का मतलब बताया और हिंदू होने का अर्थ बताया। आपके अंदर मेरे लिए नफरत है। आपके लिए मैं पप्पू हूं। लेकिन मेरे दिल में आपके लिए कोई क्रोध नहीं है। एक-एक करके मैं आपके अंदर के प्यार को बाहर निकालूंगा और आप सभी को कांग्रेस में बदलूंगा।’’

लोकसभा स्पीकर ने सदन की गरिमा सीखने का दिया सुझाव:- लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ नाराज़गी जताई है। सुमित्रा महाजन ने कहा कि “राहुल गांधी ने सदन की गरिमा का उलंघन किया है।” साथ ही सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी से कहा कि आपको अभी बहुत कुछ सीखना है बेटा। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के नेता हंगामा करना शुरू कर दिया। राहुल गांधी के बर्ताव पर सुमित्रा महाजन ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि सदन की गरीमा का हम सबको सम्मान करना चाहिए। ऐसे में इन सब हरकत से सदन को काफी ठेस पहुँचता है। लोकसभा स्पीकर ने कहा मैं भी एक मां हूँ, मुझे भी प्रेम प्रकट करना आता है, लेकिन यह एक सदन है यहां एक मर्यादा के अंदर कार्य किया जाता है।

चर्चा से पहले एनडीए में भाजपा के बाद सबसे बड़े सहयोगी दल शिवसेना (18 सांसद) ने यू-टर्न ले लिया। एक दिन पहले अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी करने के बाद शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि वह वोटिंग में हिस्सा ही नहीं लेगी। उधर, 19 सांसदों वाले बीजू जनता दल ने भी कहा कि यूपीए और एनडीए की सरकारों ने कुछ नहीं किया, इसलिए हम वॉकआउट करते हैं। इन दोनों दलों के वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने पर लोकसभा में सदस्यों की संख्या 497 रहेगी। बहुमत के लिए 249 वोट जरूरी होंगे। अकेले भाजपा के पास 274 सांसद हैं।

 

 

 

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