डीटीए पैनल को प्रचार के दौरान मिल रहा है शिक्षकों का समर्थन। एडहॉक शिक्षकों के लिए जल्द ही समायोजन/स्थायीकरण अध्यादेश लाने की मांग की जाएगी।

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नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने कार्यकारी परिषद व विद्वत परिषद ( ईसी/ एसी ) के चुनाव में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद अपने चुनाव प्रचार के दौरान कोविड-19 में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षकों के घरों पर जाकर उनसे डीटीए पैनल में ईसी उम्मीदवार डॉ. नरेंद्र कुमार पाण्डेय ,एसी उम्मीदवार श्री सुनील कुमार व डॉ. आशा रानी के लिए वोट करने की अपील की है। डीटीए प्रभारी प्रोफेसर हंसराज ‘सुमन ‘ ने बताया है कि शुक्रवार को अपने उमीदवार डॉ. नरेंद्र कुमार पाण्डेय व श्री सुनील कुमार को साथ लेकर दयालसिंह कॉलेज ,महाराजा अग्रसेन कॉलेज , श्यामलाल कॉलेज ,श्यामलाल कॉलेज ( सांध्य ) ,रामलाल आनंद कॉलेज के अलावा शिक्षकों के घरों पर जाकर चुनाव प्रचार किया।

डीटीए के प्रभारी प्रोफेसर हंसराज ‘सुमन’ से चुनाव प्रचार के दौरान कुछ एडहॉक शिक्षकों ने समायोजन पर उनके संगठन की क्या राय है ? इस पर उन्होंने एडहॉक शिक्षकों को कहा कि उनका संगठन समायोजन/स्थायीकरण के मुद्दे का पूर्ण समर्थन करता है। उनका कहना है कि समायोजन/स्थायीकरण ,एडहॉक शिक्षकों की पूरी एडहॉक सर्विस काउंट करना ,महिला शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश दिलाना , एडहॉक शिक्षकों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना , उनके बच्चों के लिए वार्ड कोटा निर्धारित करना , पीडब्ल्यूडी टीचर्स के लिए स्पेशल ट्वायलेट, रेम्प, लिफ्ट व विलचेयर उपलब्ध कराना आदि मुद्दे उनके एजेंडे में शामिल है।उनका कहना है कि एडहॉक शिक्षकों के समायोजन/स्थायीकरण के मुद्दे पर उनका संगठन केंद्र सरकार पर अध्यादेश लाने के लिए दबाव डालेगा, वह तभी संभव है जब उनके ईसी उम्मीदवार डॉ. नरेंद्र कुमार पाण्डेय को आप कार्यकारी परिषद में भारी मतों से जीताकर भेजते हैं।

प्रोफेसर सुमन ने चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षकों को बताया कि उनके एजेंडे में कॉलेजों में शिक्षकों के लिए आवासीय फ्लैट्स बनाने, बिना पीएचडी के एसोसिएट प्रोफेसर बनाया जाए व प्रिंसिपल व प्रोफेसर पदों पर आरक्षण देते हुए जल्द भरवाने ,दो दर्जन से अधिक कॉलेजों में प्रिंसिपल पदों पर नियुक्ति कराना ,साथ ही प्रोफेसर काले कमेटी की रिकमंडेशन को लागू कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। उनका कहना है कि केंद्र सरकार जब भी समायोजन पर कोई नीति लेकर आए तो उसमें आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों का भी ध्यान रखा जाए ताकि लंबे समय से एससी, एसटी, ओबीसी व विक्लांग शिक्षकों के पदों को केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के तहत नहीं भरा गया है।उनका कहना है कि ईडब्ल्यूएस के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों के पदों पर भी जल्द ही नियुक्ति करने का सर्कुलर जारी कराना संगठन की प्राथमिकता है।

प्रोफेसर सुमन से एक कॉलेज में अपने चुनाव प्रचार के दौरान एडहॉक शिक्षकों व स्थायी शिक्षकों ने उनसे सवाल किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय एडहॉक शिक्षकों का समायोजन करते समय आरक्षण नीति का पालन करेगा ? इस पर प्रोफेसर सुमन का कहना है कि जब भी दिल्ली विश्वविद्यालय एडहॉक शिक्षकों का समायोजन करेगा तो केंद्र सरकार की आरक्षण नीति का सही ढंग से पालन कराया जाएगा । उनका कहना है कि जब भी समायोजन/स्थायीकरण पर सरकार या विश्वविद्यालय की नीति बनेगी उसमें आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों का ध्यान रखा जाएगा। उन्हें सरकार की आरक्षण नीति के तहत एससी–15,एसटी–7:5और ओबीसी–27 फीसदी आरक्षण देते हुए, सभी श्रेणियों का बैकलॉग व शॉर्टफाल का ध्यान रखा जाएगा ताकि सामाजिक न्याय के सिद्धांत का सही से पालन हो।

उन्होंने बताया है कि एडहॉक शिक्षकों के समायोजन /स्थायीकरण का मुद्दा तमाम शिक्षक संगठन इसे चुनाव के समय उठाते रहे हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद केंद्र सरकार व दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन पर कोई दबाव नहीं बनाते। उनका कहना है कि ईसी में उनका उम्मीदवार जीतता है तो इस पर विश्वविद्यालय द्वारा अध्यादेश/सर्कुलर जारी कराएंगे।इस पर जल्द ही मीटिंग बुलाकर अध्यादेश लाने की मांग की जाएगी ताकि एक समय में सभी एडहॉक शिक्षकों का समायोजन/स्थायीकरण किया जा सके।

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