यूजीसी नियमानुसार पांच साल से नियुक्त विवेकानंद कॉलेज की अस्थाई प्रिंसिपल को हटाया जाए और 12 एडहॉक टीचर्स की रिज्वाईनिंग करवाई जाए

According to UGC rules, the temporary principal of Vivekananda College appointed for five years should be removed and 12 adhoc teachers should be revived.

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नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने विवेकानंद कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में 12 एडहॉक टीचर्स की रिज्वाईनिंग के पक्ष में लिए गए निर्णय को प्रिंसिपल द्वारा उसे लागू ना करते हुए शिक्षकों को सोमवार तक ज्वॉइनिंग नहीं कराने पर व गवर्निंग बॉडी के निर्देशों का सीधे उल्लंघन बताया है । इसके लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यवाहक वाइस चांसलर प्रोफेसर पी.सी.जोशी व गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन से विवेकानंद कॉलेज की प्रिंसिपल को उसके पद से तुरंत हटाए जाने की मांग करते हुए किसी सीनियर टीचर्स की नियुक्ति करने की मांग दोहराई है।

डीटीए के प्रभारी डॉ. हंसराज ‘सुमन’ ने बताया है कि पांच दिन पहले 12 एडहॉक टीचर्स को रिज्वाईनिंग कराने के लिए कॉलेज गवर्निंग बॉडी की मीटिंग बुलाई गई थी जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि सभी एडहॉक शिक्षकों को 30 अप्रैल से ज्वॉइनिंग कराया जाए। लेकिन प्रिंसिपल ने गवर्निंग बॉडी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अभी तक हटाए गए 12 टीचर्स को ज्वॉइनिंग नहीं कराया । उन्होंने बताया है कि ये शिक्षक पिछले पांच दिन से दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन , कॉलेज व डूटा के चक्कर लगा रहे हैं।उन्हें हर जगह से ज्वॉइनिंग कराने के आश्वासन मिल रहा है लेकिन ज्वॉइनिंग कब होगी यह चिंता उन शिक्षकों को सता रही है। डॉ. सुमन ने वाइस चांसलर व गवर्निंग बॉडी से यह भी मांग की है कि विवेकानंद कॉलेज की प्रिंसिपल को अपने पद पर बने हुए पांच साल से ज्यादा हो चुका है। उन्होंने बताया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) के नियमानुसार कॉलेज प्रिंसिपल का कार्यकाल 5 वर्ष का है। यह कार्यकाल स्थायी प्रिंसिपल के लिए दिया गया है लेकिन यह तो अस्थायी प्रिंसिपल के पद पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया है कि इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स एंड साइंस कॉलेज के अस्थायी प्रिंसिपल को 5 साल पूर्ण होने पर कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने उनको उसके पद से हटाकर सीनियर टीचर्स को प्रिंसिपल का कार्यभार सौंपा है। कॉलेज के चेयरमैन से मांग की है कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग बुलाकर इन्हें भी प्रिंसिपल पद से हटाया जाए। उनका कहना है कि जब तक कॉलेजों में एडहॉक प्रिंसिपल रहेंगे वे इसी तरह से शिक्षकों को परेशान करते रहेंगे।उन्होंने जल्द से जल्द प्रिंसिपल पदों पर स्थायी नियुक्ति की मांग की है ।

उन्होंने बताया है कि इन 12 एडहॉक टीचर्स का कार्यकाल 29 अप्रैल 2021तक था । 30 अप्रैल को इन्हें फिर से रिज्वाईनिंग लेटर ( पुनर्नियुक्ति पत्र ) दिया जाना था लेकिन विवेकानंद कॉलेज की प्रिंसिपल ने इन 12 एडहॉक टीचर्स की सर्विस टर्मिनेट 29 अप्रैल को ही कर दी। उन्होंने बताया कि डीटीए ने इन शिक्षकों को तुरंत ज्वाइनिंग कराने के लिए कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन से बात की और उन्हें गवर्निंग बॉडी की मीटिंग बुलाकर 12 एडहॉक टीचर्स को ज्वॉइनिंग कराई जाए । उनका कहना है कि गवर्निंग बॉडी द्वारा उन 12एडहॉक टीचर्स को ज्वॉइनिंग कराने के पक्ष में फैसला लेने के बावजूद उन्हें सोमवार तक ज्वॉइनिंग न कराना चिंता का विषय है ।

डॉ. सुमन ने वाइस चांसलर से यह भी मांग कि है कि 5 दिसंबर 2019 के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर को लागू करते हुए जब तक स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती किसी भी एडहॉक टीचर्स को उनके पदों से नहीं हटाया जाए । डॉ. सुमन का कहना है कि कोरोना काल में ये टीचर्स कहां जाएंगे। उन्होंने प्रिंसिपल को हटाने का निर्णय जल्द लिया जाए।

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