बंधक बनाए सभी भारतीयों की हो जल्द-से-जल्द रिहाई – आई एच आर ओ

All Indians held hostage should be released at the earliest - IHRO

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नई दिल्ली, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा 7 भारतीयों को बंधक बनाए जाने की घटना पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (आईएचआरओ- नई दिल्ली) की विश्वव्यापी बैठक में चिंता व्यक्त की गयी है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन (आईएचआरओ) के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. नेम सिंह प्रेमी, ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा 7 भारतीयों को बंधक बनाए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है । घटना पर गम्भीरता जताते हुए, डॉ. सिंह ने, कहा कि हमारा संगठन आईएचआरओ मालवाहक पोत के 7 भारतीय चालक दल के सदस्यों को हूती विद्रोहियों द्वारा पकड़ने और उन्हें अपने क़ब्ज़े में लेने को एक मानवाधिकार हनन की एक बेहद गंभीर घटना मानता है और अंतराष्ट्रीय मंचों से ये अपील करता है कि इस घटना पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए ज़रुरी क़दम उठाए जाएं ताकि सभी भारतीयों की सकुशल रिहाई जल्दी से जल्दी हो सके ।

इस घटना पर चिंता जताते हुए डॉ. नेम सिंह ने बताया कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय अधिकारों के हनन को रोकने के लिए आई एच आर ओ की हमेशा से यह कोशिश रही है कि वो अपने मंच के माध्यम से इसका पुरज़ोर विरोध करे। डॉ. सिंह ने साझा किया कि आई एस आर ओ का यह प्रयास रहा है कि दुनिया के किसी भी कोने में पीड़ित व्यक्ति/व्यक्तियों को जल्दी से जल्दी राहत और न्याय मिल सके ।

इस घटना की निंदा करते हुए आईएचआरओ के मुख्य परामर्शदाता डॉ. जी.बी.राव ने यूनाइटेड नेशन्स ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यू एन एच आर सी) से मांग की है कि वह हूती विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाकर रखे गए निर्दोष भारतीय चालक दल के सदस्यों को हूती विद्रोहियों के क़ब्ज़े से रिहा करवाने के लिए ज़रुरी कदम उठाए । इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन (आईएचआरओ) की तरफ़ से डॉ. राव ने यूएनएचआरसी से यह गुज़ारिश की है कि यूएनएचआरसी अपने विश्वव्यापी प्रभावशाली संपर्कों का आपातकालीन इस्तेमाल हूती विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए गए सभी 7 भारतीय बंधकों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य और उनकी रिहाई के मद्देनज़र ज़रुरी क़दम उठाए ।
आईएचआरओ की वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट संगीता शर्मा ने इस क्षेत्र में शांति लाने का प्रयास कर रहे दुनिया के उन सभी देशों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी अपने संपर्कों के ज़रिये यमन के हूती विद्रोहियों के क़ब्ज़े से 7 भारतीयों की रिहाई के लिए व्यापक अभियान चलाएं |ताकि रिहाई के साथ-साथ इस क्षेत्र में शान्ति और स्थिरता आ सके और भूखमरी से जूझ रहे इस संकटग्रस्त देश यमन में भूख से मर रहे लोगों को आवश्यक मानवीय सहायता शीघ्र प्रदान की जा सके ।

यमन के राष्ट्रपति से अपील करते हुए डॉ. नेम सिंह ने आईएचआरओ के ज़रिये मांग की कि वो हूती विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए गए सभी भारतीयों की सकुशल रिहाई के लिए ज़रुरी क़दम उठाएं। अंत में नेम सिंह ने दुनिया के सभी मुल्क़ों से उम्मीद जताते हुए कहा कि भारतवर्ष दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और मज़बूती के साथ मानवाधिकार की वकालत करता है। ऐसे में अंतराष्ट्रीय समुदाय मानवाधिकार की रक्षा के तहत हूती विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए गए सभी सात भारतीयों की सकुशल रिहाई के प्रयास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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