“गोल्डन बॉय” नीरज चोपड़ा के पानीपत पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

"Golden Boy" Neeraj Chopra received a grand welcome on his arrival in Panipat

0
253

पानीपत,ओलम्पिक में भाला फैंक प्रतियोगिता में देश का नाम रौशन करने वाले स्वर्ण पदक विजेता नीरज चौपड़ा ने मंगलवार को प्रात: लगभग 8 बजे ज्यों ही समालखा स्थित पानीपत जिले की सीमा पर कदम रखा लोगों ने फूलों की बरसात शुरू कर दी । लोगों ने जी भर कर अपने लाड़ले नीरज को खुब निहारा और अपना आर्शिवाद दिया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने रोक-रोक कर नीरज का खुब मान-सम्मान किया। हर कोई नीरज को देखने के लिए आतुर रहा।
टोक्यो ओलम्पिक में गोल्ड जीतने के बाद नीरज चौपड़ा पहली बार अपने गृृह जिला और गांव में पंहुचे। समालखा के बाद नीरज का सिवाह, पानीपत में लाल बत्ती चौक से लेकर थर्मल और खुखराना गांव तक लगातार स्वागत होता रहा। नीरज के साथ युवाओं का हुजुम उमड़ पड़ा और लोग मोटरसाईकिल व कारों पर सवार होकर भारत माता की जय के नारे लगाते हुए धुनों पर थिरकते नजर आए।
कार की खुली छत में खड़े नीरज बार-बार लोगों का हाथ हिलाकर, हाथ जोडक़र अभिवादन स्वीकार करते रहे और उनकी तरफ आने वाले फूल और मालाओं को भी स्वीकार करते रहे।मडलौडा में पंहुचने पर पूर्व मंत्री कृष्णलाल पंवार व उनके समर्थकों ने भारी संख्या में नीरज चौपड़ा का पंहुचने पर स्वागत किया और नीरज चौपड़ा को हीरो कम्पनी की एक्स्ट्रीम मोटरसाईकिल की चाबी भी सांकेतिक रूप से भेट की। इसके बाद नीरज विभिन्न गांवों से होते हुए अपने गांव खण्डरा पंहुचे जहां पूरा का पूरा गांव बच्चे से लेकर जवान, बुजुर्ग और महिलाएं अपना आर्शिवाद और प्यार देने के लिए बांहे पसारे खड़ा था। खेल क्षेत्र से जुड़े बड़े-बड़े दिग्गज और अपने जमाने के मशहूर खिलाडिय़ों ने नीरज का भरपूर स्वागत किया और अपना आर्शिवाद दिया। बिमार होने के कारण नीरज बहुत कम बोल पाए लेकिन उन्होंने जो कहा उस बात में पूरे देश के प्रतिनिधित्व बात कही गई। नीरज को गांव की ओर से पगड़ी भी पहनाई गई और संस्कृति पब्लिक स्कूल जिसके नीरज छात्र रहें हैं वहां के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि यह मेडल मेरा नही है पूरे देश का है। सभी देशवासियों के प्यार ने मुझे इस मुकाम तक पंहुचाया है। सभी की दुआओं ने मुझे मेडल जीतने के काबिल बनाया। नीरज चौपड़ा ने कहा कि औलम्पिक में मुझसे भी बहुत बेहतर खिलाड़ी खेल रहे थे लेकिन ये देश की एकता और यहां के लोगों का प्यार ही था कि मेरी झोली में गोल्ड मेडल आ पाया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here