दिल्ली- एनसीआर में प्रदूषण, पराली और दिवाली का दिखा असर, दमघोटू हुई हवा

Pollution, stubble and Diwali's effect in Delhi-NCR, suffocating air

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नई दिल्ली, दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में हवा में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो चुका है| कोरोना से रिकवर हुए मरीजों के लिए एक बार फिर मुसीबत बढ़ गई है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है| प्रदूषण के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है| जहरीली हवा का मुख्य कारण प्रदूषण, पराली का जलना और दिवाली के पटाखों का धुआं है| कई जगह ए क्यू आई का स्तर 500 से अधिक पहुंच गया है| जोकि बेहद खतरनाक है|
इस बार पराली जलाने के सर्वाधिक मामले पंजाब से आए हैं| पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2021 से नवंबर 2021 के बीच पंजाब में 73883 पराली जलाने के मामले सामने आए जोकि 2016 के बाद से सबसे ज्यादा मामले हैं| पिछले साल पंजाब में 51048 पराली जलाने के मामले थे| 2018 में पंजाब में 46559 पराली जलाने के मामले थे और 2017 में 43149 पराली जलाने के मामले थे| पंजाब में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले 4 नवंबर 2021 से 7 नवंबर 2021 के बीच आए |चूंकि इस बार फसल बहुत ज्यादा अच्छी हुई है, इस वजह से पराली भी ज्यादा है | पंजाब के एक अधिकारी के अनुसार किसान किसी भी तरह से सहयोग करने के मूड में नहीं लग रहे |इसका मुख्य कारण कृषि कानूनों को लेकर उनकी नाराजगी हो सकती है|

जबकि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में इस साल कमी आई है| 1 अक्टूबर से नवंबर 2021 तक हरियाणा में पराली जलाने के 4699 मामले और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के 2228 मामले आए हैं |जबकि पिछले साल हरियाणा से 5807 और उत्तर प्रदेश से 2653 पराली जलाने के मामले आए थे|

यदि हम पिछले एक सप्ताह में पराली जलाने के मामले राज्यवर देखें तो 1 नवंबर को पंजाब से 1796, हरियाणा से 124 और उत्तर प्रदेश से 157 मामले| 2 नवंबर को पंजाब से 3001, हरियाणा से 203 और यूपी से 87 मामले सामने आए| 3 नवंबर को पंजाब से 2512, हरियाणा से 197 और यूपी से 66 मामले सामने आए| 4 नवंबर को पंजाब से 3032, हरियाणा से 228 और यूपी से 132 मामले सामने आए | 5 नवंबर को पंजाब से सर्वाधिक 5327 मामले, हरियाणा से 331 और यूपी से 70 मामले सामने आए |6 नवंबर को पंजाब से 3942, हरियाणा से 219 और यूपी से 208 मामले सामने आए| इन आंकड़ों के अनुसार पंजाब में पराली जलाने के सर्वाधिक मामले हैं| राज्य सरकार और केंद्र सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और जल्द से जल्द प्रदूषण कम करने के सभी संभव प्रयास करने चाहिए|

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