ग्रांट के मुद्दे पर 12 कॉलेजों की शिक्षक यूनियनों ने डूटा अध्यक्ष से की मुलाकात

Teacher unions of 12 colleges met DUTA president on Grant issue

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नई दिल्ली, दिल्ली सरकार के वित्त पोषित बारह कॉलेजों में अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट के मुद्दे पर इन कॉलेजों की शिक्षक स्टाफ एसोसिएशनो ने डूटा अध्यक्ष डा ए के भागी से मुलाकात की। स्टाफ एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने डूटा अध्यक्ष को बताया कि ग्रांट समय पर नहीं मिलने के कारण घर चलाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।मेडिकल बिलों का भी समय पर भुगतान नहीं हो रहा है।कई तरह की ईएमआई भरने में परेशानियां हो रही हैं।डा भागी ने बारह कॉलेजों की स्टाफ एसोसिएशन प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन समय पर देना चाहिए।वेतन को समय पर जारी न करना दिल्ली सरकार की अमानवीयता और संवेदनहीनता को दर्शाता है। डॉ ए के भागी ने बताया कि वर्तमान महामारी के संकट में अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट देना अमानवीय और अवैधानिक है।
ग्रांट अनियमित और अपर्याप्त होने के कारण महामारी में शिक्षक कर्मचारियों को भीषण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डा भागी ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि इस भीषण महामारी के संकट में दिल्ली सरकार तुरंत नियमित और पर्याप्त ग्रांट जारी करे ताकि शिक्षक कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। डा भागी ने कहा कि दिल्ली सरकार का युनिवर्सिटी को पत्र जारी कर कॉनस्टिट्यूएंट कॉलेजों को एफिलिएटेड कॉलेज कहना बताता है कि दिल्ली सरकार इन कॉलेजों की स्थिति को बदलना चाहती है।
यह मुद्दा बेहद गंभीर है । उन्होंने बताया कि नियमित और पर्याप्त ग्रांट की समस्या को लेकर उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सभी से गुहार लगा चुके है। नेता प्रतिपक्ष श्री रामबीर विधूड़ी तो इस संबंध में लिखित रूप से सरकार से जल्द राहत की मांग कर चुके है बावजूद इसके राहत न मिलना दिल्ली सरकार के स्तर पर जारी गैर जिम्मेदार रवैये को दिखाता है। । डॉ. भागी ने कहा कि सरकार के इस रूख से साफ है कि उनकी नीयत में खोट है और वह शिक्षकों को राहत देने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल की पोल खुल गई है। यदि दिल्ली सरकार समय पर ग्रांट जारी नहीं करेगी तो डूटा को शिक्षक हित में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

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