13 जून 1999 को कारगिल की लड़ाई में भारतीय सेना ने दर्ज की थी पहली जीत

The Indian Army recorded its first victory in the battle of Kargil on 13 June 1999.

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नई दिल्ली, 13 जून 1999 को कारगिल की लड़ाई में भारतीय सेना ने पहली जीत हासिल की थी | वहीं दो राजपूताना राइफल्स के तीन अधिकारियों सहित 10 जवान शहीद हुए। कारण स्पष्ट था, ऊपर चोटी पर बैठा दुश्मन सेना की हर हरकत पर नजर रखे हुए था और बड़ी आसानी से इस अभियान को नुकसान पहुंचाता रहा था। सबसे पहले मेजर राजेश अधिकारी शहीद हुए। एक बड़े नुकसान के बाद कर्नल खुशाल ठाकुर ने स्वयं मोर्चा संभालने की ठानी और अभियान को सफल बनाया। 13 जून 1999 की रात को 18 ग्रेनेडियर्स व 2 राजपूताना राइफल्स ने 24 दिनों के रात-दिन संघर्ष के बाद तोलोलिंग पर कब्जा किया, परंतु तोलोलिंग की सफलता बहुत महंगी साबित हुई, इस संघर्ष में लेफ्टिनेंट कर्नल विश्वनाथन बुरी तरह घायल हुए और अंतत: कर्नल खुशाल ठाकुर की गोद में प्राण त्याग कर वीरगति को प्राप्त हुए। पहली चोटी तोलोलिंग व सबसे ऊंची चोटी टाइगर हिल पर विजय पताका फहराने का सौभाग्य कर्नल खुशाल ठाकुर व उनकी यूनिट 18 ग्रेनेडियर्स को प्राप्त हुआ था। भारत के राष्ट्रपति ने इस विजय व ऐतिहासिक अभियान के लिए 18 ग्रेनेडियर्स को 52 वीरता सम्मानों से नवाजा, जोकि भारत के सैन्य इतिहास में एक रिकॉर्ड है। हवलदार योगेंद्र यादव को देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा दो ‘महावीर चक्र’, छ ‘वीर चक्र’, एक ‘शौर्य चक्र’, 19 सेना पदक व दूसरे वीरता पुरस्कारों से नवाजा गया। साथ ही साथ कारगिल थियेटर ऑनर व टाइगर हिल व तोलोलिंग बैटल ऑनर 18 ग्रेनेडियर्स को दिए गए। कर्नल खुशाल ठाकुर को युद्ध सेवा मेडल से नवाजा गया।

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