देश में खास पहचान बनाती उर्दू रामलीला

Urdu Ramlila makes a special identity in the country

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नई दिल्ली, शारदीय नवरात्रि महोत्सव शुरू होते ही देश में एक बार फिर रामलीला मंचन शुरू हो जाएगा। यह मंचन पारंपरिक रूप से हिंदी या संस्कृत भाषा में होता है, लेकिन एक रामलीला ऐसी भी है जो उर्दू में अपनी ख़ास पहचान बना रही है। देश की राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के फ़रीदाबाद शहर में इस उर्दू रामलीला का मंचन पिछले 13 साल से हो रहा है, और अब 14वें साल के मंचन के लिए इसके कलाकार जी-जान से रिहर्सल में जुटे हैं। श्रद्धा रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित की जाने वाली यह रामलीला आज एक ख़ास पहचान बना चुकी है जिससे बॉलीवुड के लोग भी जुड़े हैं। इस रामलीला की एक ख़ास बात यह भी है कि इसमें मुख्य भूमिकाएं निभाने वाले कलाकार अच्छे गायक भी हैं। इस रामलीला के निर्देशक अनिल चावला ने बताया कि इस बार रामलीला का मंचन आठ अक्टूबर को नवरात्रि के दूसरे दिन से फरीदाबाद के सेक्टर-14 स्थित डीएवी स्कूल के सभागार में शुरू होगा और यह 15 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि मंचन का समय रात नौ बजे से रात 12 बजे तक होगा। चावला निर्देशक होने के साथ ही लक्ष्मण की भूमिका भी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी कलाकार प्रतिदिन रात नौ बजे से रात 12 बजे तक रिहर्सल करते हैं। चावला ने कहा कि सभी मुख्य कलाकार हर बार रामलीला के समापन तक ज़मीन पर सोते हैं और प्याज-लहसुन रहित सात्विक भोजन करते हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला का संतवाणी चैनल और सोशल मीडिया मंचों पर सीधा प्रसारण भी होगा। श्रद्धा रामलीला कमेटी के प्रधान दिलीप वर्मा ने बताया कि पिछले साल रामलीला के सीधे प्रसारण से दर्शक संख्या 25 लाख तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि इस बार यह संख्या 50 लाख तक हो सकती है। रामलीला के कला निर्देशक एवं राजा दशरथ की भूमिका निभाने वाले अजय खरबंदा ने कहा कि इस बार रामलीला के हर दृश्य का समय निर्धारित होगा और यदि कोई दृश्य तीन मिनट का है तो, वह तीन मिनट में ही ख़त्म होगा। उन्होंने कहा कि इस बार दर्शकों को कई नए, दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिलेंगे। आयोजकों ने कहा कि रामलीला से जुड़े सभी व्यक्ति निःशुल्क काम करते हैं, और एक पैसे का भी लाभ नहीं कमाते। रामलीला में प्रसिद्ध संगीत हस्ती मनमोहन कृष्ण भारद्वाज संगीत निर्देशक के रूप में अपना योगदान प्रदान कर रहे हैं। रामलीला में राम की भूमिका मोहित, सीता की भूमिका युगान्धा वशिष्ठ, कौशल्या की भूमिका मणि वशिष्ठ, मंथरा की भूमिका पायल, हनुमान की भूमिका कैलाश चावला, अनसुइया की भूमिका सोनिया शर्मा और रावण की भूमिका श्रवण चावला निभा रहे हैं।

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