भारत मां और गीता माता का गौरव बढ़ाने के लिए सभी को कर्म करना होगा-स्वामी रामदेव

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कुरुक्षेत्र (सुधीर सलूजा)18 दिसम्बर- योग गुरु स्वामी रामदेव ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान थीम पार्क में आयोजित वैश्विक गीता पाठ कार्यक्रम में भारत मां और वंदे मातरम के उदघोषों से अपना सम्बोधन शुरु करते हुए कहा कि इस गौरवशाली धरती पर भारत मां और गीता माता का गौरव बढ़ाने के लिए सभी को कर्म करना होगा। सभी शास्त्रों का सार भी कर्म करने का ही है। इस पवित्र ग्रंथ गीता में विजय, सुख, शक्ति का आधार भी कर्म को बताया गया है। इसलिए कर्म करते हुए प्रत्येक मानव को नम्बर एक स्थान पर पहुंचना होगा, जब हरियाणा का विद्यार्थी नम्बर एक पर होगा तो भारत भी नम्बर एक स्थान पर होगा। उन्होंने कहा कि पिताजंली योग पीठ की तरफ से गीता के श्लौकों को कंठस्थ करने वाले व्यक्ति को 20 हजार रुपए और कुल वेदों के ज्ञाता को 2 लाख रुपए का ईनाम दिया जाएगा। सुधांशु जी महाराज ने कहा कि पूरे संसार में केवल एक पवित्र ग्रंथ गीता है दूसरा कोई नहीं है, यह एक महान ग्रंथ है, इस ग्रंथ में कायरता को वीरता, अधर्म को धर्म का रास्ता दिखाने का काम करता है। परमात्मा तक पहुंचने का गीता एक पवित्र ग्रंथ है। यह ग्रंथ शक्ति और बल है, इसलिए इसको अपनाना चाहिए और इसके साथ जीना चाहिए। इतना ही नहीं राजनेताओं को पवित्र ग्रंथ गीता जरुर पढऩा चाहिए।

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